युवा कांग्रेस संगठन चुनाव ,29 मई से नामांकन की प्रक्रिया शुरू, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष शिवम राय की सक्रियता से राजनीतिक हलचल तेज

कोरबा- क्षेत्र में चुनावी माहौल अब पूरी तरह गरमा गया है। 29 मई से नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जिसके साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष रहे शिवम राय का नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
शिवम राय को लंबे समय से युवा संगठन और चुनाव प्रबंधन में मजबूत पकड़ रखने वाला नेता माना जाता है। बताया जाता है विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने में उनकी नेत्तृत्व और रणनीति के कारण ही युवा कांग्रेस ने का अहम भूमिका निभाई थी। यही वजह है कि आज भी संगठन के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ बनी हुई है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि शिवम राय विधायक फूल सिंह राठिया के बहुत ही करीबी माने जाते हैं। विधायक श्री फूल सिंह राठिया जी के साथ लंबे समय से राजनीतिक तालमेल के कारण ही क्षेत्र में कई चुनावी और सामाजिक कार्यक्रमों में दोनों की एकजुटता पहले भी नजर आ चुकी है।
शिवम राय ने करीब 7 से 8 वर्षों से यूथ कांग्रेस के नेतृत्व को भी संभाल रहे है। पहले करतला ब्लॉक युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष के रूप में काम किए ,फिर युवा कांग्रेस विधानसभा में सोशल मीडिया समन्वयक रहे तत्पश्चात 4 वर्षों से युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रह कर विधानसभा में युवा कांग्रेस को मजबूती से चलाया है।उनके कार्यकाल में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने का प्रयास किया गया। युवा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, बूथ स्तर तक टीम तैयार करने और युवाओं को पार्टी से जोड़ने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही कारण है कि आज भी युवा कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ बताई जाती है। यह भी बताया जाता है कि प्रदेश के कई बड़े नेताओं की बीच उनकी अच्छी पकड़ है जिनका आशीर्वाद चुनाव को जीतने में मदद करेगा।
अब एक बार फिर उनके चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि शिवम राय का राजनीतिक अनुभव, संगठन क्षमता और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है।
लेकिन नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले शिवम राय की लगातार बैठकों, समर्थकों से संपर्क और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय मौजूदगी को बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि शिवम राय चुनावी मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला काफी रोचक हो सकता है।





