Korba

आज से शारदीय नवरात्र प्रारंभ : माँ सर्वमंगला मंदिर में तैयारियां हुई पूरी, जानिए इस मंदिर का इतिहास

कोरबा । आज से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गया है। वहीं शहर में हसदेव नदी के तट पर स्थित मां सर्वमंगला का दरबार सज चुका है। यहां वर्ष की तरह इस वर्ष भी धूमधाम से तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। मां सर्वमंगला का मंदिर उर्जाधानी के लोगों के आस्था का केंद्र है।

यहां छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इतना ही नहीं विदेशों से भी यहां मां के सामने अर्जी लगाने लोग आते है। सर्वमंगला मंदिर में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बड़ी संख्या में ज्योति प्रज्जवलित होने वाली है। अब तक 7700 भक्तों के ज्योति कलश पंजीकृत हो चुके हैं। इसके लिए मंदिर समिती के सदस्य जोरों शोरों से तैयारियां कर रहे हैं।

यह है इस मंदिर का इतिहास

इस मंदिर की स्थापना कोरेश के जमींदार में से एक राजेश्वर दयाल के पूर्वजों ने 1898 में की थी। बताया जाता है कि इस मंदिर का इतिहास 122 वर्ष पुराना है। उक्त मंदिर त्रिलोकीनाथ मंदिर, काली मंदिर और ज्योति कलश भवन से घिरा हुआ है।

मंदिर में एक गुफा है जो कि हसदेव नदी के नीचे से गुजरती हुए नदी के दूसरी तरफ निकलती है। इस गुफा का इस्तेमाल रानी धनराज कुंवर नदी के उस पार जाने के लिए किया करती थीं। मंदिर में एक मनोकामना वट वृक्ष भी है। ऐसी मान्यता है कि उस वट वृक्ष में धागा बांधने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है। नवरात्र पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और माता की पूजा-अर्चना करते हैं।

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