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सी.आर.पी.- कंटीन्यूअस रेक्टिफिकेशन प्रोसेस हर कदम आगे बढ़ेंगे, वृद्धि करेंगे सम्मान में।भूत-भविष्यत तो दूसरे क्षोर हैं, हमे रहने हैं वर्तमान में ।।



रायगढ़।आधुनिक काल में परिवर्तन को सबने अनुभव किया है और इन सभी परिवर्तनों का अध्ययन हेतु कई विधियां भी आई है। किसी भी परिवर्तन का उद्देश्य होता है अच्छाई । यदि कोई विधी हमें लाभ देता है तो उसे हम आधुनिकता की श्रेणी में रखते हैं, किन्तु यदि अनुभव करें तो आप समझ पाएंगे कि अच्छाई भी अधिक समय तक अच्छा नहीं रह पाता उदाहरण स्वरूप कुछ सालों पीछे जब किसी विद्यार्थी का विद्यालय में प्रदर्शन जानना होता था तो उनके अंकों को प्रधानता मिलता था बिना विद्यार्थी के सम्पूर्ण प्रदर्शन को जाने किन्तु वर्तमान में विद्यार्थी के सम्पूर्ण विकास पर जोर दिया जा रहा एवं इसी हेतु नयी शिक्षा नीति 2020 लाया गया है ।यहां अंकों के द्वारा विद्यार्थी का प्रदर्शन भी एक अच्छाई हुआ करता था उस समय, अधिक अंक लाने वाला बालक गुणी और होंसियार माना जाता था किन्तु वर्तमान में वो अच्छाई भी नया हो गया है और अभी बालक के सतत एवं सर्वांगीण विकास में जोर दिया जाता है। यही है सी. आर. पी. अर्थात सतत सुधार प्रक्रिया। आशय यह है कि आपकी अच्छाई भी बहुत अधिक समय हेतु अच्छा नहीं बना रहेगा इस हेतु हमें वर्तमान के हिसाब से सतत परिवर्तन करते रहने है ।
श्रीकान्त चैनी
सहायक प्राध्यापक (गणित),
ओ.पी. जिन्दल विश्वविद्यालय रायगढ़

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