ग्राम कुकुर्दा में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल शामिल हुए

भागवत कथा कलियुग में साक्षात् भगवान के दर्शन के बराबर है:डॉ. महेंद्र मिश्रा

कथा वाचक डॉ. महेंद्र मिश्रा जी महाराज कथा सुनाते हुए
रायगढ़ ।रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोईंग मंडल के ग्राम कुकुर्दा में सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में रायगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल जी सम्मिलित होकर व्यासपीठ से राष्ट्रीय कथा प्रवक्त्ता, कथा वाचक डॉ. महेंद्र मिश्रा जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किये और श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण जी की लीलाओं, सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष कथा एवं भक्ति प्रेम एवं धर्म के दिव्य संदेशों को श्रद्धालुओं एवं समिति के सदस्यों व कार्यकर्ताओं के साथ श्रवण किये। उन्होंने कहा कि ऐसी पावन कथा न केवल व्यक्ति के जीवन को दिशा देती है, बल्कि समाज, परिवार और राष्ट्र में संस्कार, एकता और धर्म भावना को सुदृढ़ करती है। महाराज श्री ने बताया कि सत्संग जीवन का एक श्रेष्ठ सर्विसिंग सेंटर है जहां व्यक्ति के जीवन के समस्त खराब पार्ट्स को निकालकर जीवन को श्रेष्ठ बनाया जाता है।


राष्ट्रीय कथा प्रवक्त्ता, कथा वाचक डॉ. महेंद्र मिश्रा जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा कलियुग में साक्षात् भगवान के दर्शन के बराबर है ,भागवत कथा सुनने से हमारा मन व तन शुद्ध हो जाता है। साथ ही हमारे सभी संशय व शंका दूर हो जाते हैं। भागवत कथा सुनने वाले व्यक्ति के सभी दुःख, पाप व कष्ट दूर होते हैं और उसे सुख व शांति की प्राप्ति होती है। भागवत कथा श्रवण करने का सौभाग्य प्रभु कृपा से ही प्राप्त होता है। श्रीमद् भागवत कथा का स्मरण करने मात्र से हमारे सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और अनंत पुण्यों की प्राप्ति होती है। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने हेतु देवतागण भी तरसते रहते हैं। वहीं मानव प्राणी को इस कथा का लाभ व आशीर्वाद आसानी से मिल सकता है। अतः प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवनकाल में एक बार अवश्य ही भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए।


कथा वाचक डॉ. महेंद्र मिश्रा जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने से ही हमारे जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और इसे सुनने से मन में आध्यात्मिक विकास होता है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के अंदर का सोया हुआ ज्ञान और वैराग्य पुनः जागृत हो जाते हैं। भागवत कथा कल्पवृक्ष से भी श्रेष्ठ है क्योंकि ये पहले पात्र बनती है और हमारी सभी इच्छाओं की पूर्ति कर देती है। महाराज जी ने यज्ञ की दक्षिणा स्वरूप सबसे एक एक पौधे लगाने की मांग की और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।



इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल जी ने कुकुर्दा ग्रामवासियों से उनका कुशल मंगल जाना और सफल धार्मिक आयोजन के लिए जय गणेश युवा समिति एवं भागवत महापुराण कथा आयोजन समिति अध्यक्ष श्री टीकाराम गुप्ता जी, श्री विजय मिश्रा जी, समिति के सदस्य श्री नेत्रानंद प्रधान जी, श्री जितेंद्र बेहरा जी, श्री गजेंद्र बेहरा जी,श्री विलास गुप्ता जी, श्री उग्रसेन गुप्ता जी , श्री शुभम पुजारी जी, श्री विशिकेशन बेहरा, श्री सुभाष गुप्ता,श्री लिंगराज जी , श्री लक्ष्मी प्रसाद राठिया जी, श्री राजेन्द्र सेठ जी, श्री शोभनाथ मेहर जी,श्री डिग्री प्रधान जी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।





