Korba

नोनबिर्रा के खंडहर हो चुके आंगनबाड़ी भवन से बच्चे व कार्यकर्ता परेशान : एक वर्षों से प्राथमिक शाला में बैठ रहे बच्चे, सुध लेने नही पहुंचे विभागीय अधिकारी

कोरबा । जिले के विकासखंड करतला अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नोनबिर्रा के बनिया पारा में संचालित होने वाली आंगनबाड़ी केंद्र अब बगल के ही प्राथमिक शाला में संचालित होने लगी है। कारण इसका सालों से खंडहर पड़ा आंगनबाड़ी केंद्र है। भवन की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि, छत गिरकर जमीन पर आ चुके हैं और दीवार भी जर्जर हो गए है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

फ़ोटो: खंडहर बने आंगनबाड़ी के गिरे हुए छत

यहां बताना होगा कि, केंद्र सरकार पांच साल से कम आयु के गरीब बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए बाल विकास योजना चला रही है। इसके लिए गांव-गांव आंगनबाड़ी बनाए गए हैं। निर्माण के साथ ही प्रत्येक केंद्र पर एक कार्यकर्ता और सहायिका की तैनाती भी की गई है। केंद्रों को नियमित रूप से संचालन किए जाने के आदेश हैं तथा विभाग द्वारा बच्चों को वितरण के लिए पोषण आहार की व्यवस्था है। साथ ही बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए फल वितरण किए जाते हैं। इसके अलावा विभाग द्वारा अन्य योजनाएं भी बालकों को कुपोषण से बचाने के लिए चलाई जा रही हैं। किंतु यहां भवन के खंडहर होने के वजह से केंद्र के बाहर चमगादड़ों के पेशाब व शौच के दुर्गंध से वहां रहना मुश्किल हो गया है। मामले में सालों से विभाग के आला अफसर लापरवाह बने हुए हैं।

फ़ोटो: प्राथमिक शाला के कार्यालय तथा बाहर बने मंच पर भोजन करते बच्चे

हमारी टीम जब जमीनी स्तर पर हाल जानने वहां पहुंची तब वहां हमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निर्मला गुप्ता मिलीं। उन्होंने बताया कि यह भवन विगत पांच वर्षों से खंडहर बनकर रह गया है। जब तक चला तब तक मरम्मत करके चलाये हैं और अब आंगनबाड़ी भवन उपयोग लायक नही होने के कारण पिछले एक वर्ष से प्राथमिक शाला परिसर में आंगनबाड़ी का संचालन कर रहे हैं तथा बच्चों को उसी प्राथमिक शाला के कार्यालय में बैठाकर भोजन भी दिया जा रहा है। कई बार जगह नही होने के वजह से बाहर बने मंच पर बच्चों को खाना खिलाया जाता है। प्राथमिक शाला में आंगनबाड़ी के संचालन होने से शाला में पढ़ाई कर रहे बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत भी होती है। उन्होंने आगे बताया कि इस संबंध में हमने कई बार विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी है तथा समाचार के माध्यम से उनका ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास भी किया है। उक्त मामले में अधिकारियों ने प्रस्ताव होने की बात कही है पर आज पर्यंत इस भवन का कोई उद्धार न हो सका। उन्होंने कोरबा बन्धु न्यूज़ के माध्यम से सीधे तौर पर नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण की मांग अधिकारियों के समक्ष रखी है जिससे बच्चों को उचित स्थान मिल सके और आंगनबाड़ी केंद्र अच्छे से संचालित हो सके। मामले में हमने परियोजना अधिकारी रागिनी बैस से जानकारी लेने हेतु फोन के माध्यम से संपर्क साधा किंतु उनके द्वारा फोन नही उठाने से संपर्क नही हो सका और उनका पक्ष नही आ सका। अब देखना होगा कि इस खबर के बाद विभागीय अधिकारी सुध लेने आते हैं या फिर ऐसे ही यहां के आंगनबाड़ी का संचालन होते रहेगा।

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